रविवार, 11 जून 2017

भूजल संरक्षण



नियम बना है ...
काग़ज़ पर लिखा है
वाटर हार्वेस्टिंग होगी
धरती की प्यास बुझेगी
वन विकसित होंगे
वन्यजीव फलेंगे-फूलेंगे
मनुष्य भी सुखी होंगे ।
एक नेता की बकरियाँ आयीं
दूसरे की भैंसे आयीं
कागज़ को खा गयीं ।
तीसरे नेता के कुत्ते आये
भौंक-भौंक कर चुगली कर गये
फिर थक कर सो गये ।  
अब यह बात
एक इतिहास हो गयी है ...
प्राचीन भारत के गौरव में
इसे भी लिखा जायेगा ।

2 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन विश्व बालश्रम निषेध दिवस और ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।

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टिप्पणियाँ हैं तो विमर्श है ...विमर्श है तो परिमार्जन का मार्ग प्रशस्त है .........परिमार्जन है तो उत्कृष्टता है .....और इसी में तो लेखन की सार्थकता है.