बुधवार, 3 मई 2017

नयी पुस्तक - प्रतिध्वनि

यह प्रतिध्वनि है उन समसामयिक घटनाओं की जो प्रायः अनसुनी रह जाती है । आज के भारत पर तीक्ष्ण दृष्टि और घटनाओं का विश्लेषण । इसमें उस इतिहास को सहेजने का प्रयास किया गया है जो महत्वपूर्ण होते हुये भी शीघ्र ही विस्मृत कर दिया जाता है । भविष्य के निर्माण के लिए हमें अपने पदचिन्हों का विश्लेषण करना ही होगा ।