बिकते थे पद
यूरोप में खुले आम
फिर हुयी एक क्रांति
और धर्म को जकड़ दिया गया
बेड़ियों में
काट डाले गये
पंख
निर्वासित कर दिया गया
समाज की सभी गतिविधियों से
उस धर्म को
जो वास्तव में था ही नहीं
कोई धर्म।
अब पश्चिम
एक बार फिर
गढ़ रहा है नयी परिभाषायें
बुन रहा है नयी चादरें
ढकने के लिए
बनने वाले नये कबीलों को ।
शांति
बहुत मूल्यवान हो गयी है
नया भाव है
एक करोड़ डाॅलर
प्रति दो वर्ष!
शांति के लिए
अशांति की धौंस!
निःशस्त्रीकरण के लिए
परमाणु बम की धमकी!
कुछ लोगों ने बाध्य कर दिया है
प्रवेश करने के लिए
हर किसी को
एक असभ्य और क्रूर युग में ।
जो मैं देख पा रहा हूँ
क्या आप भी देख पा रहे हैं वही?
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