रविवार, 7 जून 2026

मूलनिवासी

मूलनिवासी हैं

हम भी
उतने ही
जितने कि तुम
और उतने ही विदेशी भी
जितने कि तुम।
नहीं पता, कब हुआ यह विवाह
हमारे जेनोम्स का
जाग्रोस के जेनोम्स से
और तुम्हारे जेनोम्स का
अफ्रीकी जेनोम्स से।
हम इतना ही जानते हैं
कि हम देते रहे हैं
अपना उत्कृष्ट
अपनी मातृभूमि को
जहाँ भी लेते रहे हम जन्म
क्योंकि
संपूर्ण धरती को ही
भोगते नहीं
पूजते रहे हैं हम
इसीलिए
हम करते रहे हैं सदा
सार्वभौमिक
और सर्वकल्याण की मंगलकामनाएँ।
तुम
हमें विदेशी कहने लगे
हम
"वसुधैव" को
कुटुंबकम्" मानते रहे।
मत भूलिए
देश से अधिक स्थायी होते हैं
मांगलिक विचार
और उसकी साधना।

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