मनाया जायेगा
गंगा उत्सव
देश भर की नदियों के घाटों पर
देने के लिए संदेश
कल्याणकारी
और पर्यावरणप्रेमी सरकार का
कि करो स्वच्छ
नदियाँ
जो होती रहती हैं प्रतिपल प्रदूषित
सरकार की अनुमति से
बड़े-बड़े उद्योगपतियों द्वारा
उनके उद्योगों से निकलने वाले
विषाक्त कचरे से।
यह संदेश है
जनता के लिए
जिसके पास नहीं होता
कोई उद्योग
फैलाने के लिए प्रदूषण।
सफाईकर्मी का काम
केवल जनता के हिस्से में है
सरकार की जय हो
उद्योगपतियों की जय हो
पराजय तो
केवल जनता के हिस्से में है
जनताजनार्दन जी!
प्रवचन समाप्त हुआ
अब लग जाइये काम पर
साफ कर डालो सारी नदियाँ
और बता दो दुनिया को
कि तुम नहीं
तुम्हारी सरकार करती है
असीमप्रेम
पर्यावरण से ।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
टिप्पणियाँ हैं तो विमर्श है ...विमर्श है तो परिमार्जन का मार्ग प्रशस्त है .........परिमार्जन है तो उत्कृष्टता है .....और इसी में तो लेखन की सार्थकता है.