शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026

एक और प्रतिभापलायन

पीयूष गोयल जी भारत से विदेश भगा दी गई प्रतिभाओं को वापस आने के लिए "देश के विकास" और "देश की प्रतिभा" की दुहाई दे रहे हैं पर जो प्रतिभायें अभी गई नहीं, भारत में ही अपने लिए एक अनुकूल आधार खोज रही हैं, उनके सामने खड़ी प्रतिकूल स्थितियों को समाप्त करने की कोई योजना बनाने का संकल्प नहीं ले पाते। ...और इसी का परिणाम है अनघा राजेश! एक और प्रतिभापलायन, जिसका लाभ उठाएगा अमेरिका। यहाँ तो यूजीसी ऐक्ट को विकास का पैरामीटर मानने और मनुवाद को गरियाने से ही किसी को फुरसत नहीं, संकल्प कौन ले! 

बीआईटी पिलानी की २४ वर्षीया अनघा राजेश ने डीएनए आधारित डाटा संग्रहण की अत्याधुनिक तकनीक में पूरे विश्व को पीछे छोड़ते हुए अद्भुत कार्य किया है। वे भारत में ही अपना उद्यम करना चाहती थीं, पर कार्य की प्रतिकूल परिस्थितियों और प्रतिभा के अवमूल्यन ने उन्हें पलायन के लिए विवश कर दिया। 

हमारे कलियुगी भगवानों को विश्वास है कि वे प्रतिभाहनन के आयुध से जब तक प्रतिभाओं की भ्रूणहत्या करते रहेंगे तब तक वे भारत के भगवान बने रहेंगे। 

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