सुदामा
केवल मुट्ठी भरबैठे
नब्बे प्रतिशत पद पर
निश्चित ही ...अपराधी हैं सब
गाली दो, जूते मारो
कारा में डालो
छूट न पाये कोई सुदामा
मारो काटो देश निकाला दो
यह देश बुद्ध का
बाबा के बंदों का
अब नहीं सहेंगे
सारे पद हम लेंगे
सत्ता भी लेंगे
सारी धरती
सभी कुयें और सारा पानी
हम सब ले लेंगे
छीन के लेंगे
सत्ता के सारे गलियारे
मंदिर से इसरो तक
विप्रों को ना कुछ भी देंगे
सेमीकंडक्टर
एआई
रोबोट
सभी कुछ छीन के लेंगे
लेंगे बेटी भी उनकी
सौगंध भीम की
हम छीन के लेंगे आज़ादी भी।
कुछ कालनेमि भी हुंकारे
भयभीत सुदामा थर-थर काँपे
हे भीमभक्त!
जिस संविधान पर इतना फूले
कुछ पढ़ तो लेते
नेत्र खोल कुछ देख तो लेते
सत्ता में सब भीम के बंदे
ढूँढ सुदामा पटके मारे
भीम रहे फिर भी बेचारे?
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